कोण्डागांव में इस वर्ष धनतेरस का त्योहारी बाजार पिछले वर्षों की तुलना में कुछ ठंडा नजर आया। जिले में लगातार हो रही बारिश ने खरीदी के उत्साह पर प्रभाव डाला है। किसानों की फसलें अब तक पूरी तरह कट नहीं पाई हैं, जिससे ग्रामीण अंचल के खरीदारों की क्रय-क्षमता प्रभावित हुई है। इसका असर सीधे तौर पर बाजारों में देखने को मिला, जहां ग्राहकों की भीड़ अपेक्षाकृत कम रही।शहर के मुख्य बाजार में सजावट और मिठाइयों की दुकानों पर हालांकि थोड़ी चहल-पहल नजर आई। लोग पारंपरिक रूप से दीपावली की तैयारियों के लिए मिठाई, रंगोली सामग्री और दीप खरीदते दिखे। परंतु सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक्स और पटाखों की दुकानों में खरीदारों की संख्या में भारी गिरावट रही। कई व्यापारियों ने बिक्री से संतोष जताया, खासतौर पर वे जिनके पास दैनिक उपयोग की वस्तुओं की दुकानें थीं। वहीं, ज्वेलरी और गिफ्ट आइटम्स के व्यापारियों ने निराशा व्यक्त की और बताया कि इस बार बिक्री करीब 30 से 40 प्रतिशत तक घट गई है।प्रशासन ने त्योहारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस व यातायात विभाग के संयुक्त दल बाजार क्षेत्रों में गश्त कर रहे हैं, ताकि लोग सुरक्षित माहौल में खरीदारी कर सकें। भीड़ वाले इलाकों में अस्थायी बैरिकेड्स और पार्किंग की व्यवस्था की गई है।भले ही इस बार धनतेरस का बाजार पूरी तरह से गर्मजोशी नहीं दिखा, लेकिन लोगों के चेहरों पर त्योहार की उम्मीद और उल्लास अब भी बरकरार है। व्यापारी उम्मीद कर रहे हैं कि दीपावली के दिन तक बाजार की रौनक फिर से लौट आएगी।क्या आप चाहते हैं कि मैं इस खबर को अखबार की शैली में शीर्षक और उपशीर्षक के साथ पुनः प्रारूपित कर दूँ?