नारायणपुर: जिले में बाल श्रम उन्मूलन के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं के आदेशानुसार 10 जनवरी से 31 मार्च 2025 तक बाल श्रम उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत टास्क फोर्स टीम का गठन किया गया है, जो जिलेभर में संभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण और जागरूकता अभियान चला रही है।
टास्क फोर्स द्वारा होटल, ढाबा, वर्कशॉप, दुकान, ऑटो गैरेज, ईंट भट्ठा, कबाड़ी दुकानों सहित विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया जा रहा है। श्रम पदाधिकारी अमरसिंह खंडे को इस अभियान का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यदि किसी भी प्रतिष्ठान में बाल श्रमिक पाए जाते हैं तो नियोक्ताओं पर सख्त कार्रवाई होगी। बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के तहत दोषियों को 6 माह से 3 वर्ष तक कारावास या 20 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
अधिनियम की धारा 12 के तहत धारा 3ए एवं 14 का सारांश सार्वजनिक न करने पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। टास्क फोर्स जिले में लगातार निरीक्षण कर रही है और आम जनता से भी बाल श्रम रोकने में सहयोग की अपील की जा रही है।
