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केशकाल, 19 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन द्वारा प्रदेशभर के शासकीय सेवकों की लंबित समस्याओं को लेकर 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं मुख्य सचिव के नाम सौंपा गया। यह ज्ञापन केशकाल में अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से तहसीलदार को सौंपा गया।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें केंद्र सरकार की तर्ज पर 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता तत्काल प्रभाव से प्रदान करना, जुलाई 2019 से लंबित डीए की एरियर्स राशि को जीपीएफ में समायोजित करना और वेतन विसंगति समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक करना शामिल है। साथ ही 8, 16, 24 एवं 30 वर्ष की सेवा पर पदोन्नत वेतनमान, तृतीय समयमान वेतनमान का लाभ, कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करना, 300 दिवस तक अवकाश नगदीकरण की अनुमति और सेवा गणना की तिथि से पेंशन पात्रता देने की मांग भी की गई है।
प्रांतीय संचालक केदार जैन ने केंद्र की “मोदी की गारंटी” लागू करने की मांग की, वहीं प्रवक्ता अली पासा ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो फेडरेशन पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन करेगा। सह संयोजक लोकेश गायकवाड ने 11 सूत्रीय मांगों का वाचन किया और सभा का संचालन रोशन हिरवानी ने किया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान शिक्षक साझा मंच के संचालक केदार जैन, जिला संयोजक श्यामलाल कोर्राम, गिरजा शंकर साहू, अमित मंडावी, शुएब अली, देवेन्द्र कुपाल, नीलम मेश्राम, गजेन्द्र सुरोजिया, राधेश्याम मंडावी, दिनेश टेकाम, सनवारू गावड़े, चंद्रकिशोर सलामे, मोहित नेताम, विवेक नेताम, प्रवीण शोरी सहित बड़ी संख्या में शासकीय सेवक उपस्थित रहे।
फेडरेशन ने घोषणा की कि यदि मांगें पूरी नहीं होतीं, तो 22 अगस्त को सामूहिक अवकाश लेकर सभी जिला एवं तहसील मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।