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जिला ब्यूरो चीप कोंडागांव
कोंडागांव। बड़े राजपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत विश्रामपुरी के ग्राम रोगाडीही में मनरेगा (राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के तहत किए जा रहे तालाब निर्माण कार्य में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस कार्य को मजदूरों से करवाने की बजाय पंचायत सचिव, सरपंच और रोजगार सहायक की मिलीभगत से जेसीबी और ट्रैक्टर के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार से वंचित होना पड़ा है।
ग्रामीणों ने बताया कि जिस तालाब के निर्माण की बात कही जा रही है, वह पहले से खुदा हुआ है। अब उसे केवल “सुंदरीकरण” के नाम पर फिर से दिखावे के लिए掘ा जा रहा है। तालाब निर्माण की सूचना पट्टिका पर कार्य की समाप्ति तिथि का उल्लेख तक नहीं है, जो पारदर्शिता की कमी दर्शाता है।
इस कार्य के लिए स्वीकृत राशि 3 लाख रुपये बताई गई है, जिसमें से 2 लाख 80 हजार रुपये की ब्यय राशि सूचना पटल है। ग्रामीणों का कहना है कि जेसीबी और ट्रैक्टर से कार्य करवाकर न केवल नियमों की अवहेलना की गई है, बल्कि उन्हें जो रोजगार मिलना चाहिए था, उससे भी वंचित कर दिया गया है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया में सचिव, रोजगार सहायक, इंजीनियर और उच्च अधिकारियों की मिलीभगत है। इस संबंध में कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत सोनबोईर मोबाइल से संपर्क करने पर स्पष्ट किया कि हां जेसीबी से कार्य हो रहा है फिर आगे अपना पल्ला झाड़ने लगा इस कथित से स्पष्ट नजर आ रही है कहीं ना कहीं अनीमिता हो रही है शासकीय धनराशि का बंदरबांट न सिर्फ सरकारी धन की बर्बादी की है, बल्कि गरीब ग्रामीणों की रोज़ी-रोटी भी छीनी है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और पीड़ित ग्रामीणों को न्याय दिलाया जाए।