
कोण्डागांव। जिले के भोंगापाल स्थित प्राचीन बौद्ध पुरातात्विक धरोहर स्थल को एक बार फिर असामाजिक तत्वों द्वारा नुकसान पहुंचाया गया है। यह घटना 9 मार्च (रविवार रात) की बताई जा रही है, जिसकी जानकारी 10 मार्च की सुबह पूजा-पाठ के लिए पहुंचे स्थानीय श्रद्धालुओं को हुई। इस कृत्य से श्रद्धालुओं में गहरी नाराजगी और आक्रोश है।
यह अत्यंत चिंता का विषय है कि पिछले कुछ महीनों में यह तीसरी बार है जब इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने की घटना सामने आई है। यह स्थल राष्ट्रीय महत्व का है और छत्तीसगढ़ में बुद्ध से जुड़ी एकमात्र पुरातात्विक धरोहर के रूप में जाना जाता है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से श्रद्धालुओं और इतिहास प्रेमियों में गहरी निराशा है।
स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि इन प्राचीन धरोहरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गंभीर कदम उठाए जाएं। बार-बार ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वालों की जल्द से जल्द पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के कृत्य दोबारा न हो सकें। लोगों ने प्रशासन से इन धरोहरों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी और सुरक्षा प्रबंध बढ़ाने की अपील की है। ल