कोण्डागांव। अधिवक्ता कानून में संशोधन के विरोध में कोण्डागांव अधिवक्ता संघ ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए कलेक्टर कार्यालय का रुख किया। अधिवक्ताओं का कहना है कि वे कलेक्टर से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन 10 मिनट तक गेट पर इंतजार करने के बावजूद उन्हें मुलाकात का अवसर नहीं मिला।
कलेक्टर के इस रवैये से नाराज अधिवक्ता संघ ने इसकी कड़ी निंदा की और उनके व्यवहार के विरोध में निंदा प्रस्ताव पारित करने का निर्णय लिया। संघ के सदस्यों ने कहा कि अधिवक्ता समुदाय की मांगों को अनसुना करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
इस घटनाक्रम से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने दो दिन तक न्यायालयीन कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है। अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि प्रशासन इसी तरह उदासीन रवैया अपनाता रहा तो संघ को आगे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे अधिवक्ताओं ने सरकार से अधिवक्ता कानून में संशोधन को वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।