माकड़ी। माकड़ी ब्लॉक के तमरावंड के पास जंगल में लकड़ी लोड करने के दौरान चमरा राम नेताम (ग्राम बफना निवासी) की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक को माकड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर बिना पुलिस रिपोर्ट के शव वाहन की व्यवस्था कर शव को रवाना कर दिया।
शव को जब कोंडागांव के समीप बफना लाया गया, तब परिजनों और ग्रामीणों को संदेह हुआ। जागरूक लोगों ने तत्काल शव को वापस माकड़ी अस्पताल ले जाकर पुलिस में मामला दर्ज कराया और पोस्टमार्टम की मांग की। सवाल उठता है कि छोटी घटनाओं में पुलिस कार्रवाई का हवाला देने वाले डॉक्टर ने इतनी बड़ी घटना में बिना रिपोर्ट शव कैसे सुपुर्द कर दिया?
इस पूरे मामले में डॉक्टर और वाहन मालिक नरेंद्र ब्रह्माणी की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। नरेंद्र ब्रह्माणी एक बड़े व्यवसायी हैं, जिससे संदेह गहरा हो गया है कि मामले को दबाने की कोशिश की गई।
घटना सुबह 11:30 से 12 बजे के बीच हुई, लेकिन शव को बफना से वापस माकड़ी लाकर पोस्टमार्टम कराने और फिर अंतिम संस्कार करने में रात 8 बजे तक का समय लग गया। ग्रामीणों ने इस लापरवाही की कड़ी निंदा करते हुए डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की है।