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होनहेड़ से मतेगा तक बन रही 14.25 किलोमीटर लंबी सड़क पर घटिया निर्माण की पोल खुलने लगी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुबंध क्रमांक 55/2023-24 के अंतर्गत शिव शक्ति इंजीनियर रिंग वर्क द्वारा इस कार्य को 2040.36लाख रुपये की राशि में किया जा रहा है। सड़क निर्माण कार्य की शुरुआत 4 अक्टूबर 2023 को हुई थी और इसे 3 जनवरी 2025 तक पूर्ण किया जाना है।
स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार, निर्माण स्थल पर सड़क के किनारे मुरम भरने के बजाय केवल मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार के बीच मिलीभगत के चलते मिट्टी को मुरम दर्शा कर कार्य दर्शाया गया है। सड़क पर डामरीकरण की मानक परतों (लेयर) की बजाय मात्र एक परत ही बिछाई गई है। परिणामस्वरूप, अभी सड़क को बने छह महीने भी नहीं हुए हैं और जगह-जगह गड्ढे उभरने लगे हैं, जिससे आने-जाने वाले राहगीरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में जब संबंधित इंजीनियर और एसडीओ को अवगत कराया गया, तो उन्होंने निरीक्षण कर उचित कार्रवाई का आश्वासन तो दिया, लेकिन अब तक गुणवत्ता सुधार की कोई ठोस पहल नहीं हो पाई है।
स्थानीय नागरिकों की मांग:
ग्रामीणों ने विभागीय उच्चाधिकारियों से मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए, और दोषी ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सड़क निर्माण में मुरम व डामर की गुणवत्ता की जांच हेतु तृतीय पक्ष से तकनीकी परीक्षण कराना भी आवश्यक बताया गया है।
यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो यह करोड़ों की लागत से बन रही सड़क जनता के पैसे की बर्बादी बनकर रह जाएगी।