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15 जुलाई 2025
कोण्डागांव, जिले के फरसगांव ब्लॉक में पशुधन विकास विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग की मोबाइल वैन से डॉ. अनिल द्वारा बड़ी मात्रा में पशु औषधियाँ जंगल में फेंकी जा रही थीं, जिसे पत्रकारों ने मौके पर जाकर कैमरे में कैद कर लिया। जब पत्रकारों ने सवाल किया तो डॉ. अनिल ने दवाइयाँ गाड़ी में रखने की बात कही जबकि दवाईयों को फेंकने के
गाड़ी से उतारी गई थी | दवाइयों में कई एक्सपायरी दवाएं थीं जिन्हें जंगल में फेंका जा रहा था। यह साफ दिखाता है कि पशुपालकों को समय पर दवाएं नहीं दी गईं और उन्हें एक्सपायर होने तक वैन में रखा गया, जिससे शासन की योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाया।
घटना की जानकारी उप संचालक, पशुधन विकास विभाग कोण्डागांव को दिया गया | उप संचालक के द्वारा तीन डॉक्टरों की जांच समिति गठित कर जांच करानेऔर डॉ. अनिल दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाने की बात कही गई |
इस घटना से पशुधन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। यह न केवल सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग है बल्कि पशुपालकों के अधिकारों का हनन भी है। अब देखना होगा कि प्रशासन कितनी पारदर्शिता और सख्ती से कार्रवाई करता है।