कोण्डागांव, 10 जून 2025 — छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल उन्मूलन नीति से प्रभावित होकर एक स्थायी वारंटी नक्सली सुकालू राम नाग (52 वर्ष), निवासी ग्राम तुमड़ीवाल, थाना पुंगारपाल, जिला कोण्डागांव, ने आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय कोण्डागांव में आत्मसमर्पण किया। सुकालू राम नाग पूर्वी बस्तर डिवीजन अंतर्गत आमदई एलओएस में सहयोगी सदस्य के रूप में कार्यरत था तथा 2003 से 2025 तक माओवादी संगठन से जुड़ा रहा। आत्मसमर्पण के पश्चात शासन द्वारा उसे 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई, साथ ही पुनर्वास नीति के तहत अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।
सुकालू राम नाग कोण्डागांव, बस्तर व नारायणपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय रहा और कई नक्सली घटनाओं में संलिप्त था। 14 फरवरी 2018 को उसने ग्राम तुमड़ीवाल में जनअदालत लगाकर एक ग्रामीण, कटियाराम नाग को पुलिस मुखबिरी के आरोप में पीटा, धमकी दी और उसके घर से लगभग 3.5 लाख रुपये मूल्य के मवेशी, घरेलू सामान, बर्तन, कपड़े आदि की लूटपाट की।
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री सुन्दरराज पी. के निर्देशन में चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों, नागरिक संपर्क कार्यक्रमों और पुनर्वास नीति की व्यापक जानकारी ने नक्सलियों के बीच सकारात्मक प्रभाव डाला है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शंकर लाल बघेल के समक्ष आत्मसमर्पण की यह कार्यवाही, पुलिस अधीक्षक श्री वॉय अक्षय कुमार एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन तथा निरंतर अभियान के परिणामस्वरूप संभव हो सकी।
आत्मसमर्पण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कौशलेंद्र देव पटेल, उप पुलिस अधीक्षक ऑप्स श्री सतीष भार्गव तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार चलाए जा रहे जनसंपर्क एवं पुनर्वास कार्यक्रमों से नक्सलियों में भय का माहौल है और वे मुख्यधारा से जुड़ने हेतु आगे आ रहे हैं।