कोंडागांव: नगर पालिका क्षेत्र में खनिज विभाग के नियमों की अनदेखी कर ठेकेदारों द्वारा रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और स्थानीय समुदाय पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। ठेकेदार चंदेल समेत अन्य लोग बिना किसी अनुमति के जगह-जगह रेत का उत्खनन कर रहे हैं और अवैध रूप से रेत का भंडारण कर रहे हैं।
इस मामले की जानकारी जब खनिज विभाग के अधिकारियों को दी गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी ठेकेदार या कंपनी को रेत खनन के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद ठेकेदारों की मनमानी जारी है, जिससे प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध गतिविधि के चलते नदियों और जल स्रोतों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे जल संकट और पर्यावरणीय असंतुलन की स्थिति बन सकती है।
हालांकि, इस गंभीर समस्या पर प्रशासनिक अधिकारी अब तक मौन बने हुए हैं, जिससे अवैध खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि खनिज विभाग और जिला प्रशासन जल्द से जल्द इस पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण किया जा सके।
अगर इस अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में यह न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि स्थानीय लोगों के जीवनयापन के लिए भी एक बड़ी समस्या बन सकता है। प्रशासन को इस पर तुरंत प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।