कोण्डागांव। शासन की नक्सल उन्मूलन नीति से प्रभावित होकर और माओवादी विचारधारा से तंग आकर 1 लाख के इनामी नक्सली राजमन होड़ी (36) ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। वह वर्ष 2014 में बेड़मा पंचायत मिलिशिया सदस्य के रूप में संगठन से जुड़ा था और 2018 से बारसूर एलओएस में पार्टी सदस्य के रूप में सक्रिय था।
राजमन होड़ी कोण्डागांव, नारायणपुर, बस्तर व दंतेवाड़ा के सीमावर्ती क्षेत्रों में कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है। उसने पुलिस अधीक्षक वॉय अक्षय कुमार और अन्य अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जिसके तहत उसे शासन की नीति के अनुसार ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि दी गई और पुनर्वास योजना के तहत अन्य लाभ देने की प्रक्रिया जारी है।
सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से माओवादी संगठन में भय का माहौल बना हुआ है, जिससे कई नक्सली मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। आत्मसमर्पण कराने में थाना प्रभारी भोगराम ध्रुव, गोपनीय सैनिक जैतराम कश्यप और संतु कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
राजमन होड़ी के खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज थे, जिनमें हत्या, लूट, अपहरण, शस्त्र अधिनियम और यूएपीए के तहत अपराध शामिल हैं। पुलिस ने इसे शासन की नक्सली उन्मूलन नीति की बड़ी सफलता बताया है।