कोण्डागांव का ऐतिहासिक मेला मंगलवार को पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ धूमधाम से प्रारंभ हुआ। हर साल की तरह इस बार भी मेले में भारी भीड़ उमड़ी, जिसमें जिलेभर से आए लोग शामिल हुए। मेले में पारंपरिक लोकनृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल-कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।
मेले का मुख्य आकर्षण मिना बाजार बना हुआ है, जहाँ विभिन्न प्रकार के झूले, खिलौने और स्वादिष्ट व्यंजनों की दुकानें सजी हैं। बच्चों और युवाओं के लिए ब्रेक डांस, ड्रैगन ट्रेन, मौत का कुआँ और विशाल झूले खास आकर्षण बने हुए हैं। महिलाएँ चूड़ी, श्रृंगार सामग्री और हस्तशिल्प की दुकानों पर जमकर खरीदारी कर रही हैं।
स्थानीय व्यापारियों के साथ-साथ बाहर से आए दुकानदार भी विभिन्न प्रकार के सामान लेकर पहुँचे हैं, जिससे बाजार में रौनक बनी हुई है। पारंपरिक व्यंजनों की महक और मिठाइयों के स्वाद ने मेले की खुशबू बढ़ा दी है।
- मेले के आयोजन को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए हैं। मेला परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि लोग सुरक्षित रूप से उत्सव का आनंद ले सकें। नगरवासियों का कहना है कि यह मेला वर्षों से लोकसंस्कृति और आपसी सौहार्द का प्रतीक रहा है।
