कोण्डागांव। श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ कोण्डागांव वार्षिक मेले का शुभारंभ हो गया। छह दिवसीय यह पारंपरिक मेला 9 मार्च तक चलेगा, जिसमें बस्तर और नारायणपुर समेत कई ग्रामीण अंचलों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मेले की शुरुआत ग्राम देवी-देवताओं के समागम और पारंपरिक पूजा-अर्चना से हुई। श्रद्धालुओं ने भीगे चावल और पुष्प वर्षा से देवी-देवताओं का स्वागत किया।
यह मेला केवल मनोरंजन का अवसर नहीं, बल्कि लोकसंस्कृति और धार्मिक परंपराओं का अनुपम संगम भी है। मेले के दौरान पलारी की माता डोली और लाट, देव विग्रह ने भव्य परिक्रमा की, जिसके बाद अन्य ग्रामों के देवी-देवताओं ने भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। श्रद्धालु पारंपरिक छत्र, डंगई लाट और देव विग्रहों के साथ भक्ति भाव से शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज से पूरा मेला स्थल भक्तिमय हो गया।
इस वर्ष पलारी, भीरागांव, बनजुगानी, भेलवांपदर, फरसगांव, कोपाबेड़ा, डोंगरीपारा सहित कई गांवों के देवी-देवता, माटी पुजारी, गायता, सिरहा-गुनिया शामिल हुए। मां दंतेश्वरी, सियान देव, चौरासी देव, बूढ़ाराव, जरही मावली, देश मात्रा देवी, हिंगलाजीन माता जैसे देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई।
मेले के शुभारंभ अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप, विधायक लता उसेंडी, नगरपालिका अध्यक्ष नरपति पटेल सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने माता गुड़ी स्थल पर पूजा-अर्चना कर लोक परंपराओं का निर्वहन किया। ग्रामीणों ने पारंपरिक गाजे-बाजे के साथ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का स्वागत किया। इस अवसर पर एसडीएम अजय उराव, जिला प्रशासन के अधिकारी, पार्षदगण, मीडिया प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
