कोंडागांव। छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति और मेल-मिलाप की पहचान मड़ई मेले का आयोजन ग्राम मर्दापाल में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप भी मेले में शामिल हुए। उन्होंने भंगाराम माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
मंत्री श्री कश्यप ने इस दौरान ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की परंपरा में मेला-मड़ई का विशेष स्थान है। यह आयोजन न केवल लोगों को एक मंच पर लाने का कार्य करता है, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में भी सहायक होता है। उन्होंने कहा कि सरकार जनजातीय परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
मड़ई मेले में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति देखी गई। आयोजन समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय गणमान्य नागरिक भी इस उत्सव में शामिल हुए। पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक झांकियों ने मेले में आकर्षण का केंद्र बनाया।
कार्यक्रम में मंत्री श्री कश्यप ने जनसंवाद कर लोगों की समस्याओं को सुना और सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। पूरे क्षेत्र में मड़ई मेले को लेकर उत्साह और उल्लास का माहौल रहा।