नारायणपुर। जिले की लोक संस्कृति, देव मान्यता और परंपराओं का प्रतीक माता मावली मेला आज पूरी आस्था और उल्लास के साथ शुरू हुआ। मेले का शुभारंभ माता मावली मंदिर में पारंपरिक पूजा-अर्चना और परघाव के साथ किया गया। इस दौरान आसपास के गांवों के देवी-देवताओं का समागम हुआ, और ढाई परिक्रमा की रस्म पूरी की गई। ग्रामीणों ने डंगई, लाठ, डोली, छत्र के प्रतीक स्वरूप देवी-देवताओं की पारंपरिक पूजा की।
समागम स्थल पर माता मावली, कोट गुड़ीन, शीतला माता, कोकोड़ी करीन, तेलवाड़ीन माता, कंकालीन माता, सोनकुंवर, भीमादेव सहित कई देवी-देवताओं के आगमन से श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। इनके साथ सिरहा, पुजारी और गायता भी मौजूद रहे।
19 से 23 फरवरी 2025 तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 19 फरवरी को लोक नृत्य दलों, 20 को बस्तर संस्कृति ग्रुप, 21 को अनुराग शर्मा स्टार नाइट, 22 को रास परब ग्रुप और 23 फरवरी को मलखंभ डांस एकेडमी व नितिन दुबे सुपर स्टार नाइट की प्रस्तुति होगी।
मेले में मीना बाजार, झूले, फैंसी दुकानें, मिष्ठान भंडार सहित कई आकर्षण मौजूद हैं। जिला प्रशासन ने सुरक्षा, पेयजल, विद्युत, पार्किंग आदि की पुख्ता व्यवस्था की है। मेले में श्रद्धालुओं और दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
